
केंद्र व प्रदेश सरकार कर रही अनदेखी
अर्की (सोलन)। हिमाचल प्रदेश किसान सभा के दसवें जिला स्तरीय सम्मेलन में किसानों के हितों की अनदेखी को लेकर चल रही मुहिम के बारे में सदस्यों को अवगत करवाया गया। अर्की में संपन्न हुई बैठक की अगुवाई किसान सभा के राज्य स्तरीय नेता प्रो. राजेंद्र चौहान ने की। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश एवं केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक, किसानों के टीडी अधिकार एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा जैसी समस्याओं के प्रति सरकारें गंभीर नहीं हैं।
जिला सचिव प्यारे लाल वर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए कहा कि किसान सभा की सोलन जिला सदस्यता नौ हजार से अधिक है। बैठक में जंगली जानवरों, टीडी के अधिकार एवं सिंचाई सुविधा से जुड़ी समस्याओं पर तीन प्रस्ताव पारित किए गए। राज्य अध्यक्ष कुलदीप तनवर ने समापन भाषण दिया। उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे किसानों के भूमि संबंधी मुद्दों, प्राकृतिक आपदाओं के उचित प्रबंधन, दलितों के अधिकारों, जंगली जानवरों की समस्या के खिलाफ कि सान सभा के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आगे आएं। सभा में उपस्थित सदस्यों ने केदारनाथ एवं किन्नौर में आई बाढ़ से प्रभावितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कीं। इस मौके पर नरेश कुमार, जयचंद, जगदीश कुमार, प्रेम चंद, गंगा राम, प्रताप सिंह, भागीरथ ठाकुर, लेख राम, प्रकाश चंद, भोला राम, धनी राम, मोहन लाल, आत्मा राम, लच्छी राम और रूप लाल आदि मौजूद रहे।
रामकृष्ण शर्मा बने जिलाध्यक्ष
बैठक के बाद जिला स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें रामकृष्ण शर्मा को जिला किसान सभा की कमान सौंपी गई। प्यारे लाल वर्मा को सचिव पद, गणेशम को उपप्रधान पद तथा प्रेम चंद केशव के नाम तय किए गए। रूप चंद ठाकुर तथा राम लाल संयुक्त सचिव चुने गए हैं। कोषाध्यक्ष की जिम्मेवारी संत राम चौहान को और प्रेस सचिव का कार्यभार दिनेश कुमार को सौंपा गया।
